यूजीसी नेट परीक्षा के सिलेबस में बदलाव

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा के सिलेबस में बदलाव कर दिया गया है। यह बदलाव जून 2019 में होने वाली नेट परीक्षा में लागू कर दिया जायेगा। बता दें कि असिस्टेंट प्रोफेसर और जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए होने वाली यूजीसी की नेट परीक्षा का सिलेबस बदल गया है। उम्मीदवार नए सिलेबस की जानकारी www.ntanet.nic.in आधिकारिक वेबसाइट पर जा कर ले सकते हैं। यूजीसी नेट परीक्षा के लिए दोनों पेपर के सिलेबस में 10-10 यूनिट शामिल की गई हैं। पहले पेपर में 50 और दूसरे पेपर में 100 सवाल पूछे जाएंगे। पेपर एक में उम्मीदवारों से टीचिंग और रिसर्च की काबिलियत और पेपर दो में विषय से जुड़े सवाल पूछें जायेंगे। यूजीसी-नेट के तीन पेपर को घटाकर दो कर दिया गया है।

यूजीसी नेट परीक्षा का आयोजन साल में दो बार किया जाता है। जो उम्मीदवार दिसंबर वाले स्तर में पास नहीं हो पाते है वो उम्मीदवार जून वाले स्तर के लिए परीक्षा दें सकते हैं। उम्मीदवारों को बता दें कि यूजीसी नेट दिसंबर वाले स्तर का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। हाल ही में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने नेट परीक्षा की कटऑफ भी जारी कर दी है। इस बार यूजीसी नेट परीक्षा में लाखों उम्मीदवार शामिल हुए है। बताया जा रहा है कि नेट परीक्षा में असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए देशभर से 44,001 उम्मीदवारों ने क्वालिफाई किया है वहीं जेआरएफ के लिए 3,883 उम्मीदवारों ने परीक्षा क्वालिफाई की है। एनटीए ने यूजीसी नेट के संशोधित रिजल्ट भी जारी कर दिए है।

यूजीसी नेट दिसंबर 2018 के लिए परीक्षा का आयोजन 18 दिसंबर से 22 दिसंबर 2018 के बीच किया गया। यह परीक्षा आयोजन दो शिफ्ट में किया गया था। पहली बार एनटीए ने परीक्षा का आयोजन ऑनलाइन मोड द्वारा किया था। यूजीसी नेट परीक्षा का आयोजन 84 विषयों पर किया गया था। उम्मीदवारों को बता दें कि यूजीसी नेट 2018 की पहली शिफ्ट की परीक्षा 9:30 से शुरू हुई और 1 बजे तक चली वहीं दूसरी शिफ्ट की परीक्षा दोपहर 2:30 से शुरू हुई और शाम 6 बजे तक चली । एनटीए ने यूजीसी परीक्षा का आयोजन देश भर के 91 शहरों में किया।

यूजीसी नेट दिसंबर 2018 के पेपर पैटर्न की बात करें तो यूजीसी नेट पेपर दो भागों में आयोजित की गई थी। पहले पेपर में उम्मीदवारों से टीचिंग/ रिसर्च एप्टीट्यूड, रीजनल एबिलिटी, और जनरल अवेयरनेस पर आधारित सवाल पूछे गए । वहीं पेपर दो में उम्मीदवारों से विषय पर आधारित सवाल पूछें गए। बता दें कि नेट और जेआरएफ परीक्षा में बीते कुछ सालों में कई बदलाव किए गए हैं। विषयगत पेपर को बहुविकल्पीय कर दिया गया है वहीं पहली बार दिसंबर 2018 से परीक्षा भी ऑनलाइन कर दी गई। सिलेबस में 20 से 30 फीसद तक बदलाव और कुछ नए विषय को भी शामिल किया गया है। हर साल कुछ ना कुछ बदलाव से उम्मीदवारों की चिंता को और बड़ा दिया जाता है।

मेरा नाम अनिल कुमार है। मैंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बी.ए और पोस्ट ग्रेजुएशन किया है । मुझें ग्राउंड रिपोर्टिंग करना अच्छा लगता है और न्यूज़ लिखना भी बहुत पसंद है। मैं उम्मीद करता हूँ आप लोगो को मेरे द्वारा लिखी हुई न्यूज़ पसंद आएगी। आप लोगों को मेरे न्यूज़ से कोई भी सवाल हो तो आप कमेंट बॉक्स के माध्यम से मेरे से पूछ सकते हो।