सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने एक सूचना जारी की है।सीबीएसई परीक्षा तारीख में हुए बदलाव। जारी किए गए सूचना के अनुसार सीबीएसई के द्वारा 2019 में होने वाली दसवीं और बारहवीं की परीक्षा फरवरी में आयोजित की जाएगी। बता दें कि पहले यह परीक्षा मार्च के पहले सप्ताह में आयोजित की जाती थी। इस बार यह परीक्षा फरवरी के तीसरे सप्ताह में आयोजित होगी।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इस बात की पुष्टि की है कि सीबीएसई 10 वीं, 12 वीं बोर्ड परीक्षा 2019 मार्च के पहले सप्ताह की बजाय फरवरी 2019 के तीसरे सप्ताह से शुरू होगी। सीबीएसई ने यह भी कहा कि फरवरी में सिर्फ स्किल एजुकेशन (वोकेशनल) कोर्सेज़ की परीक्षा आयोजित होगी। वहीं कोर विषय जैसे लैंग्वेज, गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, भूगोल, अर्थशास्त्र, व्यवसाय अध्ययन, लेखा (एकाउंटेंसी), आदि विषयों की परीक्षा मार्च 2019 के पहले सप्ताह में आयोजित की जाएगी। 

सीबीएसई बोर्ड ने एक नोटिस के द्वारा यह भी बताया कि जिन विषयों की परीक्षा फरवरी 2019 में होनी है उन विषयों की तारीखों की घोषणा अगले सप्ताह में कर दी जाएगी। तारीखों की घोषणा सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी। अभिभावकों और छात्रों को यह सूचित किया जाता है कि सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा 2019 की समय सारिणी दिसम्बर 2018 में जारी की जाएंगी। 

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने अपनी आधिकारिक प्रेस रिलीज़ में यह बताया है कि इस निर्णय को 11 जुलाई 2018 को दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार लिया गया है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिए निर्देश में यह भी कहा है कि सीबीएसई और दिल्ली विश्वविद्यालय आने वाले अकादमिक वर्ष की योजना साथ मिल कर बनायें। इस योजना को इस प्रकार बनाएं कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड रिजल्ट जिसमें पुन: मूल्यांकन परिणामों को भी शामिल किया गया हो और दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश की तारीखों में ताल मेल हो। एचआरडी मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सीबीएसई को यह कदम उठाने का निर्देश दिया है। इस आदेश के अनुसरण में सीबीएसई ने वोकेशनल विषयों की परीक्षा फरवरी 2019 के तीसरे सप्ताह में और मुख्य विषयों की परीक्षा मार्च 2019 में आयोजित करने का निर्णय लिया है। 

इस साल सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा के पुनः मूल्यांकन के परिणाम देर से जारी किए गए। और कुछ परिणाम तो दिल्ली विश्वविद्यालय की दूसरी कट ऑफ़ सूची के जारी होने के बाद घोषित किये गए। इसके बाद छात्रों ने अदालत से संपर्क किया। अदालत ने दिल्ली विश्वविद्यालय को यह सलाह दी कि दिल्ली विश्वविद्यालय उन छात्रों के लिए प्रवेश शुरू करे जो दूसरी कट ऑफ़ सूचि के अनुसार प्रवेश के लिए योग्य थे।सीबीएसई को भी यह कहा गया कि वे बोर्ड परीक्षा की समय सारणी को सही करें जिससे इस तरह की देरी से छात्रों के करियर पर बाधा न आ सके।

सीबीएसई अपने छात्रों को कक्षा 10 वीं और 12 वीं में 240 से अधिक विषय प्रदान करता है। बारहवीं में भाषा (लैंग्वेज) एक मात्र अनिवार्य विषय है। जबकि दसवीं में भाषाएं, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान अनिवार्य विषय है। छात्र अपने अनिवार्य विषयों के आलावा कॉम्बिनेशन सब्जेक्ट्स को चुनने में स्वतन्त्र हैं। 

सीबीएसई सूचना : यहां बोर्ड से देखें।

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