कैट परीक्षा 2018

आईआईएम कलकत्ता ने 25 नवंबर 2018 को कैट 2018 की स्लोट 1 की परीक्षा आयोजित कर दी गई है। जिसके बाद कैट 2018 एनालिसिस जारी कर दिया गया है। कैट 2018 परीक्षा का प्रारंभिक विश्लेषण अब उपलब्ध है। जैसा कि अपेक्षित था प्रश्नों की कुल संख्या 100 थी। वीएआरसी अनुभाग में 34 प्रश्नों थे। डीआई एलआर में 32 प्रश्न था। छात्रों ने बताया कि डीआईएलआर पिछले साल की अपेक्षा इस साल सरल है। स्लॉट 1 के लिए कैट 2018 परीक्षा सभी परीक्षण केंद्रों में सफलतापूर्वक आयोजित की गई है।उम्मीदवारों के द्वारा बताए गए उत्तरों के अनुसार स्लॉट 1 परीक्षा का पूरा विश्लेषण बताया गया है।

वीआर सबसे आसान अनुभाग था, इसमें प्रश्न आसान से मध्यम थे। उम्मीदवार जिन्होंने पर्याप्त अभ्यास किया है, इस खंड में अपना प्रयास बढ़ाने में सक्षम हो सकते हैं। यद्यपि ऐसे प्रश्न भी थे जो चुनौतीपूर्ण थे उन्हें छोड़ना ही काफी सुरक्षित विकल्प था। इस खंड में उच्च सटीकता प्राप्त करने की संभावना अधिक है। इसलिए, हम इस खंड में उच्च कटऑफ की भी उम्मीद कर सकते हैं। एक बार पूर्ण विश्लेषण दोनों स्लॉट के लिए उपलब्ध हो जाने पर अपेक्षित कट ऑफ भी रिलीज़ हो जाएगा।

परीक्षण केंद्र में कोई तकनीकी गलती नहीं हुई थी। क्यूए खंड ने कैट 2018 परीक्षा में कोई अलग भाव नहीं छोडा़। इसमें कठिनाई का स्तर मध्यम था। कई छात्रों को क्यूए अनुभाग से कुछ सवाल मुश्किल लगे। वहीं कुछ उम्मीदवारों को सरल लगे। वीएआरसी बहुत आसान स्तर का बताया जा रहा है। डेटा व्याख्या और तार्किक तर्क अनुभाग सामान्य रूप से कठिन होता है। लेकिन इस बार छात्रों के अनुसार उस भाग के सवाल सरल आ रहे थे। इस साल लॉजिकल रीजनिंग सेक्शन में व्यवस्था का कोई सवाल नहीं था। साथ ही ये भी बोला जा रहा है क्वांटेटिव एबिलिटी में कुछ ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। यह मध्यम से कुछ कठिन था। कई छात्रों को क्यूए भाग से कुछ सवाल मुश्किल थे। ज्यादातर प्रश्न अरिथमैटिक से थे। वर्बल एबिलिटी और रीडिंग सेक्शन बहुत आसान था। इस भाग में पैरा जंबल, पैरा समरी के अधिकतम प्रश्न थे। डेटा व्याख्या और तार्किक तर्क अनुभाग सामान्य रूप से भिन्न था।

पिछले साल की तुलना में, इस बार प्रश्न पत्र मध्यम से मुश्किल था। मात्रात्मक क्षमता अनुभाग में, अंकगणितीय प्रश्न अधिक थे। स्लॉट 2 परीक्षा 2:00 बजे शुरू होगी। अभी के लिए कैट 2018 स्लॉट 1 के लिए विश्लेषण उपलब्ध है। इस साल अप्रत्याशित रूप से डीआईएलआर सबसे कठिन नहीं था। डीआईएलआर अंत में आसान दिखाई दिया।

छात्रों की कुछ मिश्रित प्रतिक्रियाएं हैं। डीआईएलआर को अभी भी सबसे कठिन खंड माना जाता था। हालांकि, अधिकतम उम्मीदवारों ने कहा है कि मौखिक क्षमता आसान थी। डीआईएलआर में व्यवस्था के कोई सवाल नहीं थे। यहां तक कि इस साल भी उम्मीदवारों ने डीआईएलआर का स्तर कठिन पाया कि ज्यादातर सेट अस्पृश्य थे और यहां तक कि एक विशेष सेट में, कुछ सवाल सिर्फ पूर्ववत थे। पिछले साल की तरह, सेट आम विषयों से नहीं थे, हालांकि उम्मीदवार जिनके पास अच्छी वैचारिक ज्ञान थी, वे आसानी से 12-13 प्रश्नों का प्रयास कर सकते थे। यह अनुभाग काफी चुनौतीपूर्ण था और किसी विषय की पूरी तरह से समझने की आवश्यकता थी। डेटा इंटरप्रिटेशन एंड लॉजिकल रीजनिंग का सेक्शन सामान्य था। इस साल, लॉजिकल रेसिजनइन सेक्शन में प्रश्न नहीं था।

नमस्कार, मैं मोना दीक्षित हूं। मैं अगलासेम में एक हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करती हूं। मैंने पत्रकारिता में मास्टर किया है। मैं शिक्षा से जुडी़ खबरों पर न्यूज और आर्टिकल लिखती हूं। काफी सारी रिसर्च करने के बाद मैं आपके लिए शिक्षा से जुडी़ खबरें ले कर आती हूं। अगर आपको शिक्षा से जुडी़ कोई जानकारी चाहिए तो आप मुझसे पूछ सकते हैं।