देश के नर्सिंग कॉलेजों की व्यवस्था में सुधार लाने के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने अनुदान प्रदान किया है। सरकार की तरफ से यह फंड नर्सिंग स्कूल को नर्सिंग कॉलेज में तबदील करने के लिए दिया गया है। देश के 17 नर्सिंग स्कूलों को सरकार ने फंड दिया है। हर नर्सिंग स्कूल की बात करें तो प्रत्येक स्कूल को 6 करोड़ रुपए का अनुदान मिला है। और सभी नर्सिंग स्कूलों के फंड की राशी का अनुमान लगाया जाए तो कुल अनुदान की राशी करीबन 48.715 करोड़ रुपए है। सरकार की तरफ से यह राशी देश के नर्सिंग स्कूलों को नर्सिंग कॉलेज में बदलने के लिए दी गई है। जिससे देश में नर्सिंग कॉलेज की सुविधा छात्रों को और भी अच्छे से मिल सके। साथ ही छात्रों को इन कॉलजों ले पूरा लाभ प्राप्त हो सके।

सरकार ने नर्सिंग कॉलेज के अलावा सामान्य नर्सिंग मिडवाइफरी (जीएनएम) और सहायक नर्सिंग मिडविफरी (एएनएम) स्कूलों की व्यवस्था को सुधारने के लिए भी अनुदान प्रदान किया है। जैसे अब देश में नर्सिंग कॉलेजों पर सरकार का ध्यान केंद्रित हुआ है। वैसे ही अब 136 सामान्य नर्सिंग मिडवाइफरी और 112 सहायक नर्सिंग मिडविफरी (एएनएम) स्कूलों के लिए भी फंड दिया गया है। आपको बता दें कि देश के ज्यादा से ज्यादा जीएनएम और एएनएम स्कूलों की व्यवस्था पर ध्यान दिया जाएगा।

आपको बता दें कि बदलाव के समय और भी बहुत सारी बातों का ध्यान रखा जाएगा। जैसे कि क्वालीफाई टीचर, नर्सिंग के हर क्षेत्र को पूरी तरह से अपग्रेड करने के लिए सरकार ने इतनी बड़ी राशी दी है। इसके अलावा नर्सिंग के कॉलेज और होस्टल के लिए जमीन को बढ़ा दिया गया है। पहले नर्सिंग कॉलेज के लिए 5 एकड़ जमीन दी गई थी। लेकिन अब इसको बढ़ाकर 54,000 वर्ग फीट कर दिया गया है। साथ ही बी.एस.सी और एम.एस.सी कोर्स में छात्रों को राहत मिलेगी।

सामान्य नर्सिंग मिडवाइफरी (जीएनएम) कोर्स वो उम्मीदवार कर सकते हैं जिन उम्मीदवारों को नर्स बनना है। यह कोर्स तीन साल का होता है। जो छात्र इस कोर्स में एडमिशन लेते हैं उन छात्रों को मेडिकल सेवा देने के बारे में पढ़ाया जाता है। इस कोर्स में छात्रों को हर बीमारी में किस तरह की मेडिकल सेवा देनी चाहिए इसके बारे में विस्तार से सिखाया जाएगा। सहायक नर्सिंग मिडविफरी (एएनएम) कोर्स दो साल का सर्टिफिकेट कोर्स होता है। वैसे इस कोर्स की अवधि हर संस्थान में अलग – अलग होती है। इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए छात्रों को 12वीं पास होना जरुरी है। साथ ही छात्र को 12वीं कक्षा में 45% अंक प्राप्त होने चाहिए। नर्सिंग कॉलेज के साथ – साथ जीएनएम और एएनएम को भी सरकार ने फंड दिया है।

मेरा नाम सुरभि शर्मा है।मैंने जर्नलिज्म इन मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रखी है।हिंदी अगलासेम में मैं हिंदी कंटेंट राइटर की पोस्ट पर काम करती हूं।यहां पर मैं आपके लिए सभी तरह की शिक्षा से जुड़ी सारी जानकारी देने की पूरी कोशिश करुंगी।लिखने में दिलचस्पी मुझे काफी लंबे समय से है।और शिक्षा के क्षेत्र में लिखने से मुझे काफी कुछ सिखने को मिल रहा है।जो मैं आप सभी के लिए भी लाती रहूंगी।